बच्चे की उच्च शिक्षा पर कितना खर्च आएगा? पहले लागत निकालिए, फिर निवेश तय कीजिए

बच्चे की उच्च शिक्षा पर कितना खर्च आएगा? पहले लागत निकालिए, फिर निवेश तय कीजिए

बच्चे की उच्च शिक्षा की तैयारी इस सवाल से शुरू नहीं होती कि "कहां निवेश करूं?" शुरुआत इस सवाल से होती है कि "असल में खर्च कितना आने वाला है?" जब लागत साफ़ हो जाए, तो बाकी सारे फैसले काफ़ी आसान हो जाते हैं। इसी को लागत-आधारित तरीका कहते हैं।

सबसे पहले आज के हिसाब से पूरा खर्च जोड़िए — ट्यूशन फीस, रहना-खाना, किताबें, आना-जाना और एंट्रेंस की तैयारी। फिर तय कीजिए कि दाखिला कितने साल बाद होना है। पढ़ाई का खर्च अक्सर आम महंगाई से तेज़ बढ़ सकता है, इसलिए आज की कीमत को भविष्य की कीमत में बदलकर देखना ज़रूरी है। मिसाल के तौर पर, सिर्फ़ समझाने के लिए, कोई अनुमान नहीं: अगर किसी कोर्स का खर्च आज ₹20 लाख है और खर्च हर साल मान लीजिए 8% बढ़ता है, तो करीब छह साल बाद वही कोर्स लगभग ₹32 लाख का पड़ सकता है।

अब उल्टी गिनती कीजिए। जब आपको पता हो कि कितनी रकम चाहिए और कितने साल बचे हैं, तो हर महीने कितना अलग रखना है, यह निकाला जा सकता है। समय कम बचा हो तो महीने की रकम बड़ी हो जाती है, और जल्दी शुरू करें तो हर महीने का बोझ हल्का रहता है। 15 साल दूर के गोल और 3 साल दूर के गोल के लिए एक जैसा निवेश नहीं चल सकता।

दूसरी ज़रूरी बात है बचे हुए समय के हिसाब से रिस्क तय करना। लंबा समय हो तो बाज़ार से जुड़े निवेश के उतार-चढ़ाव झेलने की गुंजाइश ज़्यादा होती है। लेकिन दाखिले की तारीख़ जैसे-जैसे पास आती है, धीरे-धीरे ज़्यादा स्थिर विकल्पों की तरफ़ बढ़ना समझदारी है, ताकि ऐन वक्त पर मार्केट गिरने से पूरा गणित न बिगड़ जाए। SEBI ने हाल ही में लाइफ साइकिल फंड नाम की एक नई कैटेगरी शुरू की है, जो एक तय साल को लक्ष्य बनाकर बनाई जाती है और उस साल के पास आने पर खुद-ब-खुद इक्विटी घटाती जाती है। यह सबके लिए सही हो, ज़रूरी नहीं। सभी निवेशकों के लिए एक ही ग्लाइड पाथ लागू होता है, और रिटर्न कभी तय नहीं होते।

आख़िर में, साल में एक बार जाँचिए कि खर्च का अंदाज़ा और आपकी बचत अब भी मेल खा रहे हैं या नहीं। इस गोल को अपने बाकी गोल्स और इमरजेंसी फंड से अलग रखिए, ताकि इसका पैसा किसी और ज़रूरत में न टूटे। यहां दिए आंकड़े सिर्फ़ समझाने के लिए हैं। आपका असल खर्च, बच्चे की उम्र और आपकी रिस्क सहने की क्षमता मिलकर असली तस्वीर बनाते हैं।

आपकी रिस्क प्रोफाइल और बच्चे की पढ़ाई के गोल के हिसाब से उपयुक्त म्यूचुअल फंड स्कीम चुनने के लिए नोएडा में Finglow की टीम से बात करें।

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